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ठंडी लहरे तुफा बन गई,
अब तुमसे दूर रह न पाऊं में।
आया है इश्कका जलजला,
कही हद पार न कर जाऊ में।
कुछ पिलाया मौसम ने,
कुछ पिलाया तेरी सूरत ने।
चांद मेरे तू थाम ले मुझको,
कही जमी पे गिर न जाऊ में।
मेरे दिल का गम तू दूर करदे,
मेरी सीने में तू दम भरदे।
तेरा हाथ देदे तू मेरे हाथ में,
कही दुनिया से डर न जाऊ में।
दिलवालो का काम है इश्कमे डूबना,
हुस्न के मालिक तेरा काम है तारना।
मिला न दिल से दिल तो,
यारा कहीं मर न जाऊ में।


